स्वामी विवेकानंद की इच्छा तो मायावती आश्रम में ही रहने की थी परंतु ईश्वर ने उनसे कई काम लेने थे।
लोहाघाट। महामनीषी स्वामी विवेकानंद ने वर्ष 1901 में 3 जनवरी से 18 जनवरी तक अद्वैत आश्रम मायावती में प्रवास किया था। इस अद्भुत घटना की स्वयं प्रकृति साक्षी बनी रही…
