Category: उत्तराखंड

बाराही धाम में आज मां बज्र बाराही की निकली भव्य व दिव्य शोभायात्रा।

देवीधुरा। बाराही धाम में बग्वाल के दूसरे दिन यहां मां बज्र बाराही की भव्य व दिव्य शोभा यात्रा निकली जिसके पचास हजार से अधिक श्रद्धालु साक्षी बने। सुबह से ही…

रतिया नदी में बाढ़ सुरक्षा के कार्य किए जाएंगे।

देवीधुरा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बीच रतिया नदी से हो रहे नुकसान को देखते हुए बाढ़ सुरक्षा के कार्य किए जाने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने बाराही…

वैष्णो शक्ति पीठ महर-पिनाना के मंदिर में लोगों ने की पूजा अर्चना ।

लोहाघाट। बद्रीनाथ धाम के लघु रूप में प्रसिद्ध वैष्णो शक्तिपीठ महर-पिनाना में श्रद्धालुओं के लगातार आवाजाही बनी हुई है इस धाम के बारे में पुराणों में भी उल्लेख किया गया…

उद्यम संचालन हेतु दिये गये महिलाओं को 8 लाख पैंसठ हजार के चैक।

चंपावत। जनपद चंपावत में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा स्थानीय उत्पादों के विपणन, मूल्यवर्धन व प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित कर तथा कृषि व गैर कृषि आय संवर्धक कार्यों से जुडकर…

बाराहीधाम मां बाराही की विराट शक्ति की ऊर्जा का है पावर हाउस।-मुख्यमंत्री।

देवीधुरा। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने आज खोलिखाण दुबा चौड़ मैदान में भगवान देखने आए लाखों लोगों को संबोधित करते हुए मां बाराही की महिमा का बखान किया। उनका कहना था…

आज भी खुली आंखों से मां बाराही की मूर्तियां नहीं देखी जाती ।

देवीधुरा। वर्ष भर ताम्रपेटिका में विराजमान मां बाराही, मां महाकाली, मां सरस्वती की मूर्तियों को आज पुजारी बाहर निकालकर अपनी आंखों में काली पट्टी बांधकर उन्हें स्नान कराने के साथ…

बगवाली वीरों के अलग ही चले आ रहे हैं रीति- रिवाज।

देवीधुरा।बगवाल खेलने वालों को एक माह पूर्व से ही अपने खान-पान आचार विचार शुद्ध रखने पड़ते हैं। घर में सबसे पहले उन्हें ही सात्विक भोजन कराया जाता है। बगवाली वीर…

सीएम पुष्कर धामी ने बगवाल मेले के इतिहास दर्ज कराया अपना नाम ।

देवीधुरा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में लगातार चौथी बार यहां की बगवाल में शामिल होकर पुष्कर धामी ने मां बाराही का आशीर्वाद लेने आकर यहां के इतिहास में अपना…

“आठकोटा आगर, नौलखा सूपी” की कहावत आज भी यहां सुनी जाती है ।

देवीधुरा। बगवाल में आज भी यह कहावत प्रचलित है कि “आठकोटा आगर, नौलखा सूपी” इसका मतलब यह है की विरोधी खाम के आठ दुर्ग तोड़ने में अकेले आगर गांव के…

एक साथ तीन पीढ़ियों ने खेली बगवाल।

देवीधुरा। बगवाल के प्रति यहां चारों खामो के लोगों में इतना रोमांच एवं जुनून होता है कि उनके कोई भी पुरुष घर में नहीं रहते हैं। पिछले 80 सालों से…

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