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उत्तराखंड

आजादी के बाद नेपाल के सीमावर्ती गांव के लोगों ने पहली बार किसी डीएम को देखा अपने बीच।

November 16, 2024   ·   Jeewan Bisht
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लोहाघाट। भारत नेपाल सीमा का विभाजन करने वाली महाकाली नदी के तट में स्थित नगरूघाट के नागार्जुन बाबा के मंदिर में बैकुंठ चतुर्दशी के अवसर पर आयोजित मेले में श्रद्धा व आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ था।नागार्जुन बाबा के प्रति सीमा के दोनों ओर भारत व नेपाल के लोग समान रूप से आस्था रखते आ रहे हैं।शताब्दियों से चले आ रहे इस मेले में जिला अधिकारी नवनीत पांडे ने अपनी उपस्थिति देकर न केवल लोगो का उत्साह बढ़ाया बल्कि उनकी भविष्य की उम्मीदें भी बढ़ी है।आजादी के बाद यहां के लोगों ने पहली बार किसी जिला अधिकारी को मेले में अपने बीच देखा। भ्रमण के दौरान डीएम ने इस वर्ष आपदा से मची तबाही का भी नजारा अपनी आंखों से देखा। उनके साथ जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल एवं जिला सूचना अधिकारी गिरजा शंकर जोशी भी साथ थे।मेले में विभिन्न गांवों से आ रहे जत्थों में चल रहे हैं देव डांगरों ने जिलाधिकारी को आशीर्वाद दिया।जिला पंचायत सदस्य प्रीती पाठक के प्रतिनिधि के तौर पर प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता मोहित पाठक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को पूरे मेला एवं आपदा ग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण कराया। जिलाधिकारी ने लोगों से मेले के इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा न्याय के देवता नागार्जुन बाबा के मंदिर में दर्शन एवं पूजा अर्चना कर ज़िले के लोगो की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। मेले में लोगो के मनोरंजन के लिए स्थानीय कलाकारों के अलावा पिथौरागढ़ से आई कला दर्पण संगीत परिषद के कलाकारों ने भरपूर मनोरंजन किया। डॉ सतीश पांडे के संचालन में जिलाधिकारी का मेला आयोजन समिति की की ओर से भव्य स्वागत किया गया। मोहित पाठक ने उन्हें क्षेत्रीय समस्याओं की जानकारी दी कहा सीएम धामी के द्वारा जिले के पिछड़े क्षेत्रों के विकास में ख़ासी दिलचस्पी ली जा रही है।उन्होंने क्षेत्रीय लोगों की ओर से यहां आए पहले जिलाधिकारी के रूप में नवनीत पांडे का भावपूर्ण स्वागत करते हुए क्षेत्रीय जन समस्याओं से अवगत कराया।जिलाधिकारी ने मेले के सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखने के लिए लोगों को बधाई दी। कहा मेले उत्तराखंड में एक दूसरे के मिलने और संस्कृति का आदान-प्रदान करने के माध्यम रहे है।यहां के मेले में तो नेपाल भारत की संस्कृति का ऐसा संगम होता है कि यहां के लोगों की आपस में शताब्दियों से रोटी-बेटी के रिश्ते चले आ रहे हैं। उन्होंने कहा आगामी वर्ष में यह मेला और भव्य व दिव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा जिसमें ज़िला प्रशासन द्वारा पूरा सहयोग किया जाएगा।उन्होंने पासम -डूंगरालेटी सड़क को आपस में जोड़ने के साथ वहां बड़े पुल का निर्माण करने के अलावा आपदा से बहे पैदल पुल का निर्माण करने की भी बात कही। इससे पूर्व विधायक खुशहाल सिंह अधिकारी की धर्मपत्नी निर्मला अधिकारी, विधायक प्रतिनिधि चाँद बोहरा,सरिता अधिकारी, पुष्कर बोहरा पत्रकार, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जगदीश कॉलोनी,विक्रम चौहान, चंद्रकांत तिवारी,प्रेम सिंह, शिवराज कुमार, प्रवीण पांडे,महेश राम,चंचल सिंह, सोहन सिंह, शंकर सिंह, बहादुर सिंह, प्रकाश पांडे,भीम पंत,महेंद्र बोहरा, ईश्वर बोहरा, प्रियंका चंद ने डीएम का भावपूर्ण स्वागत किया।

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