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उत्तराखंड

मौन पालकों की राह में बड़ा कांटा बन गए हैं ततैये।

November 6, 2024   ·   Jeewan Bisht
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चंपावत। बाराकोट ब्लॉक के डोबाभागू में मौन पालन कर आजीविका चला रहे मनोज कुमार,शंकर राम ,पंकज तिवारी,कुंदन राम ,शेखर राम आदि के मौन कलोनी पर ततैया के हमले से मौन वंश को काफी नुकसान पहुंचा है।आधुनिक तकनीक से मौन पालन कर रहे मनोज कुमार ने बताया कि पिछले वर्षों तक नवंबर माह के अंत तक इंडियन बटर ट्री( च्यूरा) वृक्ष मे असंख्य फूल खिलते थे प्रचुर मात्रा में मधुमक्खियां शहद इकट्ठा करती थी और मौन पालक लाखों रुपए का शहद विक्री करते थे । पर इस वर्ष वर्तमान में ततैयो के आक्रमण से मौन वंश को काफी नुकसान हुआ है तथा खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया ततैया के कई छत्ते चीड़ के पेड़ों में बने हुए है जिनको नष्ट कर पाना काफी मुश्किल है। ततैयो की संख्या बढ़ने से मौसमी फूलों पर ततैयो ने अपना अधिकार जमा लिया है ततैयो के हमले से कई मौन कॉलोनी समाप्त हो गई है और मौन कलोनी को शहद नही मिल पा रहा है जिससे मौन वंश ने रॉबिंग एक्शन शुरू कर दिया है मौन वंश दिन प्रतिदिन समाप्त हो रहे है और इमरजेंसी माइग्रेशन कर रहे है।मनोज कुमार व अन्य मोन पालकों ने ततैयो को नष्ट करने के लिए वन क्षेत्राधिकारी काली कुमाऊं से आग्रह किया है साथ ही उनका कहना है कृषि वैज्ञानिकों को भी मौन वंश को बचाने के लिए कोई सुझाव देना चाहिए।मनोज कुमार ने बताया जल्द ही प्रकरण को जिलाधिकारी चंपावत के संज्ञान में लाएंगे ताकि मौन पालकों को मौन वंश संरक्षण हेतु राहत मिल सके।

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