चंपावत वर्तमान सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में उत्तराखंड @25 आदर्श चंपावत के तहत “सगंध पौध वितरण कार्यक्रम” का आयोजन महिला प्रौद्योगिकी केंद्र, चंपावत में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट), देहरादून द्वारा किया गया, जिसमें सीएसआईआर-सीमैप, लखनऊ का सहयोग रहा।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. मनीष आर्य और डॉ. प्रवल पी.एस. वर्मा, दोनों तकनीकी अधिकारी, सीएसआईआर-सीमैप, ने महिलाओं को सुगंधित, औषधीय और आयुर्वेदिक पौधों की खेती और उनके व्यावसायिक उपयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने रोजमेरी (Rosemary) , नींबू घास, गुलाब और ओरिगानो जैसी फसलों की खेती, उनके पोषण और दीर्घकालिक देखभाल के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की।
विशेषज्ञों ने बताया कि ये पौधे 10 से 12 वर्षों तक जीवित रह सकते हैं, जिससे किसान लंबे समय तक लाभ कमा सकते हैं। साथ ही, उन्होंने महिलाओं को इन फसलों के व्यावसायिक उपयोग, बाज़ार मूल्य और रोजगार सृजन में उनकी भूमिका के बारे में भी शिक्षित किया। यह कार्यक्रम न केवल महिलाओं को खेती के आधुनिक तरीकों से जोड़ने का प्रयास था, बल्कि उन्हें सशक्त बनाकर उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण कदम भी था।
इस दौरान रोजमेरी (Rosemary) पौधों का वितरण भी किया गया, जहां विशेषज्ञों ने महिलाओं को इन्हें लगाने और उगाने की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी, जिससे वे अपनी भूमि का अधिकतम उपयोग कर सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने भी महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के ज्ञान से लैस होना ग्रामीण महिलाओं के लिए कितना महत्वपूर्ण है, जिससे वे न केवल अपनी आजीविका सुधार सकती हैं बल्कि उद्यमिता की नई राह पर भी आगे बढ़ सकती हैं।
इसके अतिरिक्त, महिलाओं को इन फसलों की सघन खेती और व्यावसायिक उत्पादन में प्रशिक्षित करने के लिए आगे भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे वे अपनी आजीविका से सीधे जुड़ सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम में चंपावत की ब्लॉक प्रमुख रेखा देवी और ग्राम प्रधान चोरासेठी अनीता सेठी भी उपस्थित रहीं। उन्होंने इस पहल के लिए माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके नेतृत्व में पिछले तीन वर्षों में चंपावत में महिलाओं के लिए कई सशक्तिकरण योजनाएं सफलतापूर्वक चलाई गई हैं।
इस कार्यक्रम ने महिलाओं के बीच कृषि, औषधीय पौधों की वैज्ञानिक खेती और उद्यमिता को लेकर एक नए दृष्टिकोण और जागरूकता को बढ़ावा दिया, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञ सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के काश्तकार उपस्थित रहे।
