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उत्तराखंड

कुप्रबंधन के कारण करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद भी लोगों को नहीं मिल रही है विशिष्ट चिकित्सा सुविधा,

October 10, 2023   ·   Jeewan Bisht
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लोहाघाट। उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने माना की उत्तराखंड के चिकित्सालयों में करोड़ों रुपए अवस्थापना मद में खर्च किए जाने के बावजूद भी कुप्रबंधन के कारण लोगों को वशिष्ट चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही हैं जैसे कि उन्हें मिलनी चाहिए। लोहाघाट के उप जिला चिकित्सालय के निरीक्षण में आए डॉ कुमार ने चिकित्सालय का बारीकी के साथ निरीक्षण किया उन्होंने डेंगू से बचाव के लिए अलग वार्ड बनाने, पानी की निकासी, दावाओ का छिड़काव आदि सभी आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने इमरजेंसी सहित, दन्त पैथोलॉजी, प्रसव आदि की व्यवस्था देखने के साथ वार्डो में भर्ती मरीजों से भी उनका हल चाल जाना तथा उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान चंदन लैब का भी निरीक्षण किया। जिसमें रोगियों का निशुल्क परीक्षण किया जा रहा है। स्वास्थ्य सचिव ने अभी तक आईसीयू का संचालन न किए जाने पर काफी नाराजगी जताई। हालाकि पीएम के प्रस्तावित दौरे को लेकर चिकित्सालय के आईसीयू कक्ष का कायाकल्प किया गया है लेकिन आज तक इसका कोई उपयोग न किए जाने पर उन्होंने नाराजगी भी जताई। चिकित्सा अधीक्षक सोनाली मंडल का कहना था कि उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर भरने के लिए बजट न मिलने के कारण इस कार्य में दिक्कतें आ रही है जबकि सीएमओ का कहना था कि इसके लिए आपके पास पर्याप्त बजट पहले ही दिया हुआ है। स्वास्थ्य सचिव ने आईसीयू को देखने के बाद बताया कि इसके निर्माण में काफी धन खर्च करने के बावजूद भी लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है इसके लिए उन्होंने तीन दिन के भीतर को संचालित करने का सीएमओ को निर्देश दिया। चिकित्सालय का ऑक्सीजन प्लांट ही ठप पड़ा हुआ है। चिकित्सालय का भवन उप जिला चिकित्सालय के मानकों के अनुसार नही है। सीएमओ ने कहा यहां भूमि उपलब्ध है जिसमें अतिरिक्त भवन बनाए जा सकते हैं। सचिव के निरीक्षण के दौरान उन्हें प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सचिन जोशी एवं राजू गड़कोटी ने बताया कि लोहाघाट चिकित्सालय में विशेषज्ञ डॉक्टर ना होने के कारण चिकित्सालय चिकित्सालय का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है जबकि यहां बालरोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सर्जन, फिजिशियन, निस्चेतक आदि की तैनाती किए जाने से लोगों को यहा चिकित्सा सुविधा मिल सकती हैं लोहाघाट के चिकित्सालय में सुविधा मिलने से इसका लाभ चांम्पावत जिले की सीमा से लगे नैनीताल,अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़ जिले के लोग भी इसका लाभ उठाते आ रहे हैं। स्वास्थ्य सचिव ने दौरे के बाद यहां चिकित्सा सुविधाओं में बुनियादी परिवर्तन लाने का आश्वासन देते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में लोगों को हर हालत में अच्छी चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। जिसके लिए साधन व संसाधनों की कोई कमी नहीं है नागरिकों ने पुराने महिला चिकित्सालय को तोड़कर वहां नया भवन बनाने की भी मांग की। लोगों का यह भी कहना था कि अतीत में लोहाघाट चिकित्सालय में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती होने पर यहां कुमाऊं में सर्वाधिक ओपीडी दर्ज हुई है। निरीक्षण के दौरान कुमाऊं के स्वास्थ्य निदेशक डॉ तारा आर्य,सीएमओ डॉ के के अग्रवाल, सीएमएस डॉ सोनाली मंडल, डॉ कुलदीप यादव आदि लोग मौजूद थे।

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