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उत्तराखंड

महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल द्वारा भारत-नेपाल सीमा पर तैनात 55वीं वाहिनी स.सी. बल पिथौरागढ़ और उसके कार्यक्षेत्र जौलजीवी का भ्रमण किया गया।

June 3, 2025   ·   Jeewan Bisht
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दिनांक 31 मई 2025 एवं 01 जून, 2025 को अमृत मोहन प्रसाद, भा.पु.से., महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल (एस.एस.बी.) ने भारत-नेपाल सीमा पर तैनात 55वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, पिथौरागढ़ के मुख्यालय परिसर और उसके कार्यक्षेत्र जौलजीवी का औपचारिक एवं प्रेरणादायक भ्रमण किया गया । इस अवसर पर शिखा प्रसाद, अध्यक्षा, संदीक्षा, बल मुख्यालय, नई दिल्ली भी उनके साथ उपस्थित रहीं, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने इस कार्यक्रम की महत्ता को और भी अधिक विशिष्ट बना दिया।महानिदेशक महोदय के वाहिनी परिसर में आगमन पर उन्हें सैन्य सम्मान के अंतर्गत Guard of Honour प्रदान किया गया, जो संगठन की अनुशासनबद्धता, परंपरा एवं गौरव का प्रतीक है। इसके उपरांत, महानिदेशक महोदय एवं संदीक्षा, अध्यक्षा महोदया द्वारा परिसर में वृक्षारोपण किया गया, जो बल की पर्यावरण संरक्षण एवं हरित प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है।
भ्रमण के दौरान महानिदेशक महोदय द्वारा जवानों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन हेतु बैडमिंटन हॉल सह योग शेड का उद्घाटन किया गया। साथ ही, अध्यक्षा महोदया द्वारा बल कार्मिकों एवं उनके परिजनों के लिए विकसित ओपन जिम का भी विधिवत उद्घाटन किया गया, जो बल में स्वास्थ्य-जागरूकता और फिटनेस संस्कृति को बढ़ावा देगा।

महानिदेशक एवं अध्यक्षा महोदया ने संदीक्षा परिवार सहित वाहिनी परिसर में निवासरत परिवारों से आत्मीय भेंट की, जिसमें कल्याण, सुविधा एवं संगठनात्मक समन्वय से संबंधित विषयों पर संवाद हुआ। उन्होंने अधिकारियों एवं जवानों से सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर महानिदेशक महोदय, ने जवानों को दी कल्याणकारी (Welfare) स्कीम की जानकारी एवं प्रचालन संबंधी दिशा-निर्देश:-
“गृह मंत्रालय के आदेशानुसार, सशस्त्र सीमा बल भी अपने कार्मिकों को सेवा-निवृत्ति के दिन अग्रिम मानद रैंक प्रदान कर रहा है, जिससे जवानों को सेवानिवृत्ति के समय गर्व की अनुभूति होगी। इसके अतिरिक्त, जवानों को सुरक्षा निधि के रूप में ₹15 लाख अधिकतम की और राशि प्राप्त होगी, जिसके लिए पूर्व में लिए जा रहे SBF फंड ₹800/- से अधिक की राशि नहीं ली जाएगी।”

  1. जौलजीवी में वर्तमान हेलीपैड के क्षेत्रफल का विस्तार किया जाना चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बड़े हेलीकॉप्टरों की भी सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की जा सके।
  2. प्रचालन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई।
  3. बॉर्डर रोड निर्माण से संबंधित कार्यों में विस्तार किया जाए।
  4. “वाइब्रेंट विलेज” योजना के अंतर्गत आने वाले 16 गाँवों को विकसित करने हेतु प्रयास किए जाएं तथा जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर गाँवों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जाए।
  5. महोदय द्वारा वाहिनी परिसर तथा उसके कार्यक्षेत्र के सुरक्षा परिदृश्य का निरीक्षण किया गया।
  6. वाहिनी परिसर एवं कार्यक्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों (भवन, सड़क आदि) की समीक्षा की गई।
  7. सीमा पर कर्तव्यरत जवानों की सराहनीय सेवा की भूरी-भूरी प्रशंसा की गई।
  8. महानिदेशक महोदय ने “डी” समवाय, जौलजीवी के कैंपस की सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि “कैंपस को और अधिक विस्तृत एवं सुदृढ़ बनाया जाए, ताकि जौलजीवी को एक सशक्त सीमा चौकी के रूप में विकसित किया जा सके।”
    उन्होंने 55वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, पिथौरागढ़ के मुख्यालय परिसर की प्रशंसा करते हुए कमांडेंट, 55वीं वाहिनी, अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारीगण एवं समस्त जवानों की कार्यकुशलता और समर्पण की भी सराहना की।
    इसके अतिरिक्त, महानिदेशक महोदय ने शहीद चारू चंद पाठक, सहायक कमांडेंट की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके अद्वितीय और प्रेरणादायक बलिदान को सादर स्मरण किया।
    इस विशेष अवसर इस अवसर पर श्री अमित कुमार महानिरीक्षक (सीमान्त मुख्यालय,रानीखेत), सुधांशु नौटियाल उप-महानिरीक्षक (क्षेत्रक, मुख्यालय अल्मोड़ा) मनोज कुमार सिंह, कमांडेंट, बल मुख्यालय, नई दिल्ली, आशीष कुमार कमांडेंट, 55वी वाहिनी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी व सभी जवान उपस्थित रहे।
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