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उत्तराखंड

ग्राम्य विकास सचिव डा. पुरुषोत्तम के जिले का दौरा करने के बाद-
नेपाल के सुदूरवर्ती कायल गांव जाकर इंटीग्रेटेड फार्मिंग की संभावनाओं का पता
लगाएंगे केवीके के वैज्ञानिक।

January 10, 2023   ·   Jeewan Bisht
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लोहाघाट। आजादी के बाद क्षेत्रीय उपेक्षा का दंश झेलते आ रहे नेपाल सीमा से जुड़े कायल गांव के अब अच्छे दिन आने की उम्मीद बढ़ गई है। हाल ही में सूबे के बागवानी कृषि ग्राम्य विकास, मत्स्य पालन ,डेयरी विकास सचिव डॉक्टर पुरुषोत्तम के चार दिनी चंपावत जिले के भ्रमण के दौरान उन्होंने यहां की भौगोलिक , सामाजिक परिस्थितियों व अधिकांश किसानों की कम जोत को देखते हुए उनकी आय दोगुना किए जाने के जाने हेतु इंटीग्रेटेड फार्मिंग पर जोर दिया था। सीएम पुष्कर धामी द्वारा चंपावत को मॉडल जिला बनाने की परिकल्पना के तहत पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ अनिल कुमार शर्मा ने लोहाघाट ब्लाक अंतर्गत नेपाल सीमा से लगे कायल गांव में इंटीग्रेटेड फार्मिंग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र लोहाघाट के वैज्ञानिकों की टीम को कायल गांव जाने को कहा है । केवीके की प्रभारी अधिकारी डा. अमरीश सिरोही के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की टीम 11 जनवरी को कायल गांव जाएगी । डॉ शर्मा का कहना है कि वैज्ञानिकों की टीम द्वारा गांव का अध्ययन करने के बाद उस गांव को केबीके द्वारा गोद भी लिया जा सकता है, तथा वे स्वयं भी उक्त गांवों का भ्रमण कर इंटीग्रेटेड फार्मिंग की शुरुआत भी करेंगे।

मालूम हो कि लोहावती नदी के समीप बसे इस गांव की भूमि काफी उपजाऊ है यहां की लिफ्ट सिंचाई योजना के चालू होने के बाद गांव के लोगों के भाग्य का दरवाजा खुल गया है। इस योजना के जरिए गांव की बारह सौ नाली भूमि को सिंचित किया जा सकेगा। ग्राम प्रधान मोहन सिंह सामंत एवं किसान नेता मोहन चंद्र पांडे के अनुसार सड़क से लगभग 3 किलोमीटर दूर होने के कारण गांव का कोई विकास नहीं हो पाया है ,जबकि यहां विकास की तमाम संभावनाएं हैं । ग्राम पंचायत की ओर से जिलाधिकारी से भी गांव में रात्रि प्रवास करने की भी ग्रामीणों द्वारा पहल की जा रही है । यदि ऐसा संभव होता है तो इससे उन्हें गांव की समस्याओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
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