जनपद में मातृ मृत्यु दर को शून्य करने और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान के नेतृत्व में यह अभियान जिले के सभी ब्लॉकों में सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है।
अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव और घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं तथा उनके परिजनों को मातृ स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दे रही हैं। स्वास्थ्य कर्मी लोगों को समय पर जांच, टीकाकरण, संतुलित आहार और संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि हर गर्भवती महिला को सुरक्षित प्रसव की सुविधा मिले और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। इसके लिए आशा कार्यकर्ता, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की टीम लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों को जागरूक कर रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने कहा, “मातृ मृत्यु दर को कम करना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए जनपद के सभी ब्लॉकों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को सुरक्षित मातृत्व और संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में जागरूक कर रही हैं। हमारा प्रयास है कि हर गर्भवती महिला को समय पर जांच और सुरक्षित प्रसव की सुविधा मिले, जिससे मां और शिशु दोनों स्वस्थ और सुरक्षित रहें।”
