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उत्तराखंड

शिक्षक प्रकाश चन्द्र उपाध्याय का शैलेश मटियानी पुरस्कार के लिए हुआ चयन।

March 22, 2025   ·   Jeewan Bisht
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चंपावत। शिक्षक प्रकाश चन्द्र उपाध्याय को छात्र-छात्राओं को विभिन्न मुकामों में सफलता दिलाने तथा अति विशिष्ट सेवा कार्यों के लिए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा शिक्षा मंत्री द्वारा राज्य के सर्वोच्च पुरस्कार शैलेश मटियानी उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार से राजभवन में सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं तथा बेहतरीन कार्य करने वाले शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है, जिसमें एक नाम चंपावत के शिक्षक प्रकाश चन्द्र उपाध्याय का भी है। शिक्षक उपाध्याय को शैक्षिक उन्नयन एवं गुणात्मक सुधार के लिए ये पुरस्कार दिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों,जनप्रतिनिधियों में खुशी की लहर है। मालूम हो कि पांच चरणों में अत्यधिक कठिन मानकों पर आधारित चयनित प्रक्रिया को पूर्ण करने पर ही शिक्षकों को चयनित किया जाता है। बोर्ड परीक्षा में छात्रों के परिणाम,विभिन्न छात्रवृत्तियों में बच्चों के चयनित होने तथा राष्ट्रीय स्तर पर बच्चों को पहुंचाने आदि के आधार पर चयनित किए जाने के कारण पूरे राज्य में माध्यमिक स्तर के केवल पांच शिक्षकों को यह उत्कृष्ट पुरस्कार दिया जा रहा है।
शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार राज्य का सर्वोच्च पुरस्कार है, जिसमें राज्यपाल द्वार 21 हजार की धनराशि, सम्मान पत्र तथा 2 वर्ष का सेवा विस्तार दिया जाता है।
राउमावि खूनाबोरा में कार्यरत शिक्षक प्रकाश चन्द्र उपाध्याय निर्धन और अपवंचित छात्रों के लिए वर्षभर में मिलने वाले 14 आकस्मिक अवकाशों में से एक भी अवकाश नहीं लेते। इसके अलावा रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में किए गए विभागीय कार्यों के बदले मिलने वाले 32 प्रतिकर अवकाशों में भी बच्चों को नियमित अध्यापन कार्य किया। जिसके फलस्वरूप दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों ने बोर्ड परीक्षा में सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
शिक्षक उपाध्याय के पढ़ाए गए विषय सामाजिक विज्ञान में सभी बच्चों ने प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की और अधिकांश बच्चों ने 75 तथा 90 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। यही नहीं अवकाश दिवसों तथा अतिरिक्त शिक्षण कार्य के फलस्वरूप पिछले वर्ष उनके तीन छात्रों का चयन राष्ट्रीय छात्रवृत्ति परीक्षा में हुआ तथा आठ छात्रों का चयन मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति परीक्षा में हुआ है। उक्त परीक्षाओं में सफल छात्र-छात्राओं को 48 हजार से 72 हजार तक की छात्रवृत्ति मिलती है।
वर्ष भर बिना थके, बिना रुके कार्य कर रहे शिक्षक उपाध्याय का कहना है कि इन्ही प्रयासों के कारण उनके छात्र सर्वोच्च अंक प्राप्त करने के साथ ही विभिन्न राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना लगातार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर अपना लोहा मनवा रहे हैं।
शिक्षक उपाध्याय के उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने उत्तराखंड गौरव रत्न सम्मान, शोध गुरु सम्मान, महानिदेशक एटीआई,महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा, निदेशक आरआईई अजमेर, निदेशक एससीईआरटी, जिलाधिकारी चंपावत और अन्य कई सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। प्रमुख शिक्षाविदों तथा अभिभावकों का कहना है कि इस प्रकार किए गए त्याग और समर्पण से फिर से सरकारी विद्यालय अपना पुराना गौरव प्राप्त कर सकेंगे।

इससे पूर्व शिक्षक उपाध्याय को मुख्यमंत्री द्वारा देवभूमि उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी द्वारा उत्तराखंड गौरव रत्न सम्मान सहित अन्य कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है तथा राज्य स्तर से राष्ट्रपति पुरस्कार हेतु चयनित किए गए थे। शिक्षक उपाध्याय के चयनित होने पर विधायक खुशाल सिंह अधिकारी, मुख्यमंत्री प्रतिनिधि प्रकाश चन्द्र तिवारी,सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट,भाजयुमो जिला अध्यक्ष मोहित पाठक,बीईओ भारत जोशी,घनश्याम भट्ट,नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा,लक्ष्मण सिंह लमगड़िया,भगीरथ भट्ट,प्रधानाचार्य संजीव पंत,प्रधानाचार्य खीमानंद पाण्डे, एसएमसी अध्यक्ष भावना देवी,पीटीए अध्यक्ष खुशाल सिंह तथा अभिभावकों ने खुशी जताते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक अभूतपूर्व उपलब्धि बताया।

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