हरेला पर्व पर चंपावत में पर्यावरण संरक्षण और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। वही आपको बात दे दुबचौड़ा के हनुमान मंदिर में आयोजित मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर हरेला पर्व को उत्साह के साथ मनाया। साथ ही हरेला पर्व के अवसर पर महिला समूहों, वन पंचायतों और ग्रामीणों ने मिलकर फलदार, चारा और अन्य उपयोगी प्रजातियों के पौधों का वृहद पौधारोपण किया। ग्रामीणों को नि:शुल्क पौधों का वितरण भी किया गया और सभी ने पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।।वही दुबचौड़ा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में हरेला महोत्सव एवं पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मेले मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि दर्जा राज्यमंत्री मुकेश सिंह महराना की अध्यक्षता में हुआ। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्रवासियों में हरेला पर्व को लेकर विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिली। साथ ही अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके
