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उत्तराखंड

पेयजल समस्या ने, खूबसूरत लोहाघाट नगर के लोगों के चेहरे की छीन ली है मुस्कान।
व्यवस्था ठीक करने के प्रयासों में लगे,चेयरमैन मान चुके हैं हार।

January 17, 2023   ·   Jeewan Bisht
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लोहाघाट।नगर की पेयजल समस्या लोगों के लिए जी का जंजाल बन गई है। उत्तराखंड जल संस्थान कभी जल स्रोत में पानी की कमी तो कभी पेयजल भंडारण के लिए टैंकों की कमी बताकर हर चौथे दिन आधे घंटे के लिए पेयजल उपलब्ध करा रहा है। इस पेयजल की गुणवत्ता को लेकर भी नगर के लोग लंबे समय से सवाल उठाते आ रहे हैं।नगरीय क्षेत्र में अधिकांश लोग पीलिया से पीड़ित रहते हैं। इसका मुख्य कारण शुद्ध पेयजल उपलब्ध न होना है।जिसके कारण नौकरपेसा लोग तो इस शहर में सेवा देने से भी कतराते आ रहे हैं। लोहाघाट में ऐसी शिक्षण संस्थाएं हैं जहां गुणवत्ता युक्त शिक्षा मिलने के कारण बाहर से आने वाला हर व्यक्ति अपने बच्चों की पढ़ाई एवं उनके बेहतर भविष्य को देखते हुए लोहाघाट में बसना चाहता है।लेकिन पेयजल समस्या ने तो पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर के विकास में रोड़े अटका दिए हैं।लोहाघाट नगर अंतरराष्ट्रीय मत्स्य आखेट के लिए प्रसिद्ध पंचेश्वर हो या मीठे-रीठे के चमत्कार के लिए दुनिया में प्रसिद्ध गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब हो या परमाणु युग में पाषाड युद्ध के लिए विख्यात बाराही धाम देवीधुरा का मंदिर हो या एवटमाउंट या अद्वैत व वेदांत की दुनिया में रसधारा प्रवाहित कर रहा मायावती आश्रम हो,सभी प्रमुख स्थानों का लोहाघाट वेस कैंप है।

नगर की पेयजल समस्या को लेकर लगातार संघर्ष करते आ रहे नगर पालिका परिषद के चेयरमैन गोविंद वर्मा का कहना है कि वह जल संस्थान से समस्या का निराकरण करने की मांग करते, हार चुके हैं। स्थिति इतनी खराब है कि लोगों का गुस्सा बारूद के ढेर में तब्दील हो चुका है। लोगों की सहनशक्ति जवाब दे चुकी है।नगर के लोगों की चेहरे की मुस्कान पेयजल समस्या ने छीन ली है। अब उनके सामने आर पार की लड़ाई के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।उधर जल निगम के ईई विजय कुमार का कहना है कि डीएम के आदेश के तहत एक बार फिर सरयू नदी से लिफ्ट पेयजल योजना का सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है।वैसे वर्ष 2004 में भी जल निगम ने इसी नदी से सर्वेक्षण करने के बाद सरकार ने इस प्रस्ताव को खामोश बस्ते में डाल दिया था। इधर विधायक खुशाल सिंह अधिकारी का कहना है कि सरयू नदी से पेयजल योजना बनाने के लिए सीएम धामी अपनी सहमति दे चुके हैं।

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