टनकपुर/चम्पावत। जनपद चम्पावत के सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. देवेश चौहान के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में, विभाग ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए बेहद दुर्गम वन राजिया क्षेत्र ‘खीरद्वारी’ की गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित की।
खीरद्वारी जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्र से स्वास्थ्य केंद्र तक पहुँचना ग्रामीणों के लिए एक बड़ी चुनौती रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान की अध्यक्षता और कुशल निर्देशन में, ANM रीना राणा CHO संध्या राणा, आशा राखी कुंवर ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए क्षेत्र की 6 गर्भवती महिलाओं को विशेष वाहन के माध्यम से उप जिला अस्पताल, टनकपुर पहुँचाया।
अस्पताल पहुँचने पर इन सभी महिलाओं का नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड और अन्य आवश्यक प्रसव पूर्व जाँचें (ANC) की गईं।
डॉ. देवेश चौहान ने स्वयं इस प्रक्रिया की निगरानी की और सुनिश्चित किया कि सुदूर क्षेत्रों की महिलाओं को बिना किसी बाधा के गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता मिले।
”हमारा लक्ष्य है कि जनपद का कोई भी नागरिक, विशेषकर हमारे वन राजी परिवारों की माताएं और बहनें, संसाधनों की कमी या दूरी के कारण स्वास्थ्य लाभ से वंचित न रहें। विभाग हर व्यक्ति तक पहुँचने के लिए प्रतिबद्ध है।”
— डॉ. देवेश चौहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चम्पावत
वन राजी परिवारों के लिए स्वास्थ्य विभाग की इस संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की इस पहल से न केवल गर्भवती महिलाओं का समय पर उपचार सुनिश्चित हुआ है, बल्कि सुरक्षित मातृत्व की दिशा में विश्वास भी बढ़ा है।

