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उत्तराखंड

वन भूमि हस्तांतरित न होने से लटके विकास कार्यों का डीएम ने किया मार्ग प्रशस्त।

November 3, 2023   ·   Jeewan Bisht
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चंपावत । जिलाधिकारी नवनीत पाण्डे द्वारा वन भूमि हस्तांतरण की बैठक कर विभिन्न विभागों की योजनाएं जो वन भूमि से संबंधित विभिन्न स्तरों में लंबित हैं उनकी समीक्षा करते हुए सभी लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
जिले में विभिन्न योजनाओं के कुल 47 प्रकरण ऐसे हैं जिनमें वन भूमि स्वीकृति व हस्तांतरण होना है और जो जिला स्तर से लेकर भारत सरकार स्तर पर लंबित हैं ,इन सभी प्रकरणों का यथासमय पर निस्तारण हो और सभी में स्वीकृति मिले इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा लगातार विभागों के साथ समीक्षा की जा रही है।
जिले में वर्तमान में लंबित प्रकरणों में 10 प्रकरण तराई पूर्वी वन प्रभाग के अंतर्गत , 34 प्रकरण चंपावत वन प्रभाग के तथा 03 प्रकरण हल्द्वानी वन प्रभाग के अंतर्गत लंबित हैं।
तराई वन प्रभाग के अंतर्गत बनबसा में नगर पंचायत द्वारा बनाए जाने वाले ट्रचिंग ग्राउंड हेतु भूमि के के संबंध में है,जिस संबंध में जिलाधिकारी ने डीएफओ तराई पूर्वी वन प्रभाग तथा अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बनबसा को शीघ्रता से इसका निस्तारण कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
डीएफओ तराई पूर्वी ने अवगत कराया कि बनबसा में शहीद स्मारक एवं पार्क के निर्माण हेतु वन भूमि के प्रस्ताव तैयार कर राज्य स्तर पर भेज दिया गया है,जिस संबंध में जिलाधिकारी ने लगातार शासन स्तर पर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दोनों अधिकारियों को दिए । इसके अतिरिक्त बनबसा में सिडकुल का निर्माण के संबंध में अवगत कराया कि भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अवगत कराया कि बनबसा में थाना बनबसा आवासीय भवन के निर्माण हेतु वनभूमि के प्रस्ताव ऑनलाइन कर शासन को भेज दिए गए हैं
बैठक में अवगत कराया कि हल्द्वानी वन प्रभाग के अंतर्गत वन भूमि हस्तांतरण के कुल 03 प्रकरण है, जिसमें डांडामल्ला सड़क तथा एसएसबी चौकी थपलियालखेड़ा का निस्तारण हो गया है और 01 प्रकरण टनकपुर में परिवहन विभाग के ड्राइविंग ट्रैक के निर्माण का प्रस्ताव जिला स्तर पर लंबित है,जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल जिला स्तर से प्रस्ताव उच्च स्तर व शासन को भेजने के निर्देश दिए
जिलाधिकारी ने कहा की भारत सरकार, नोडल एवं शासन स्तर से यदि वन भूमि के प्रकरणों में आपत्तियां प्राप्त होती हैं तो उनका तत्काल निराकरण कर पुनः प्रस्ताव जनपद स्तर से शासन को भेजे जाएं। उन्होंने कहा कि वन भूमि के कोई भी प्रकरण जनपद स्तर पर लंबित न रहे इस हेतु संबंधित विभाग और वन विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र भेजें।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी चंपावत आरसी कांडपाल, ईई लोनिवि, सिंचाई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित रहे। डीएफओ तराई पूर्वी व हल्द्वानी वन प्रभाग वर्चुवली जुड़े रहे।

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