लोहाघाट। गाय को पालने से घर में रिद्धि-सिद्धि का प्रवेश होता है,घर परिवार में खुशहाली रहती है। भले ही गाए को हम पालते हैं, लेकिन वह इतनी उदार है कि हमारे पूरे परिवार का पालन पोषण करती है। यह विचार पाटन-पाटनी गांव में उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित दुधारू पशु पालन शिविर में विषय विशेषज्ञों ने व्यक्त किए। मनीष राम की अध्यक्षता एवं परिषद के वैज्ञानिक डा अनुपम आजाद ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा गाय को भी मनुष्य की तरह शुद्ध हवा,पानी एवं पौष्टिक आहार की आवश्यकता होती है,जिससे उसका अच्छा स्वास्थ एवं दूध मै वृद्धि होती है। इसके अभाव में गाय में बांझपन आ जाता है। जिस गाय के थन थोड़ा लंबे, त्वचा मुलायम एवं उसके कूल्हे दबे होंगे, ऐसी गाएं अधिक दूध देने की अपनी पहचान रखती हैं। बद्री गाय जिसे स्थानीय भाषा में ‘कठुवा’ गाय कहा जाता है। यह गाय भले ही दूध कम देती है , इसके एक एक बूंद दूध में प्रकृति ने औषधीय गुण भरे हुए हैं। जिसका दूध सौ रुपए लीटर तथा उसका घी पांच हजार रुपए केजी के हिसाब से बिकता है। डा संदीप ने अधिक दूध प्राप्त करने के उपाय बताते हुए कहा गाय का घर में बंधे रहना ही घर में समृद्धि का कारण बन जाता है।

डा पूजा फर्स्वाड़ ने गाय से अधिक मात्रा में दूध का दोहन किए जाने के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र की प्राकृतिक खेती की विशेषज्ञ डा लीमा ने रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के प्रयोग से बचने की सलाह देते हुए कहा कि पशु के लिए भी यह उतना ही हानिकारक होता है,जिसका प्रभाव उसके दूध में भी पड़ता है। सहायक वैज्ञानिक केशव रावत ने दुधारू गाय पालन की बारीकियों एवं उनमें होने वाली बीमारियां तथा उनके निवारण के उपाय बताए। परिषद की ओर से गोष्ठी में शामिल दो सौ महिला किसानों को छोटे टब व दुग्धवर्धक पावडर के पैकेट वितरित किए।

By Jeewan Bisht

"द पब्लिक मैटर" न्यूज़ चैनल पर स्वागत है. यहां आपको मिलेगी उत्तराखंड की लेटेस्ट खबरें, पॉलिटिकल उठापटक, मनोरंजन की दुनिया, खेल-जगत, सोशल मीडिया की वायरल खबरें, फिल्म रिव्यू, एक्सक्लूसिव वीडियोस और सेलिब्रिटीज के साथ बातचीत से जुड़े रहने के लिए बने रहे "द पब्लिक मैटर" के साथ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!