4 नई दुकानों का प्रस्ताव, आंकड़ा पहुंचेगा 20 तक
जिले में पहले से 15 शराब की दुकानें और 1 उप दुकान संचालित हैं। अब विभाग ने 4 नई दुकानों के लिए आवेदन मांगे हैं। जिसमें सीम-चूका (विदेशी मदिरा), बोतड़ी पनार (विदेशी मदिरा) , वालिक (देशी मदिरा) और मंच (देशी मदिरा) शामिल हैं। अगर ये सभी खुलती हैं, तो कुल संख्या बढ़कर 20 दुकानें हो जाएगी, लेकिन लगातार हो रहे विरोध के बीच कितनी दुकानें खुल पाएंगी अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है।
मंच में विरोध की चिंगारी आस्था से खिलवाड़ नहीं चलेगा
सीमांत क्षेत्र मंच में देशी शराब की दुकान खोलने के प्रस्ताव पर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए साफ चेतावनी दी – गुरु गोरखनाथ धाम जैसे पवित्र स्थल के पास शराब की दुकान बर्दाश्त नहीं होगी । लोगों का कहना है कि यहां देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में यह फैसला धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
वालिक में भी उबाल के स्वर -शांति भंग होगी, आंदोलन होगा
दूरस्थ वालिक क्षेत्र में भी माहौल गरम है। स्थानीय लोगों ने महिलाओं की सुरक्षा और गांव की शांति भंग होने की चिंता जताई है।
पहले भी हुआ था विरोध, अब फिर वही कोशिश
ग्रामीणों ने साफ कहा – अगर दुकान खुली, तो इस बार जोरदार आंदोलन होगा ।
बोतड़ी में भी विरोध तेज – संगम किनारे शराब नहीं चलेगी
बोतड़ी पनार में विदेशी शराब की दुकान के प्रस्ताव पर भी लोग लामबंद हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है यहां रामेश्वर धाम स्थित है, सरयू और रामगंगा का पवित्र संगम क्षेत्र है और धार्मिक स्थल के पास शराब दुकान स्वीकार नहीं की जाएगी। ग्रामीणों का साफ कहना है, अगर शराब की दुकान खोली गई तो बड़ा जन आंदोलन होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी ।
अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है क्या सरकार राजस्व के लिए आस्था से समझौता कर रही है? क्या ग्रामीणों की आवाज को नजरअंदाज किया जाएगा ? क्या शांत पहाड़ी क्षेत्रों में शराब नीति पर पुनर्विचार जरूरी है ? फिलहाल जिले में टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन जिस तरह से गांव-गांव में विरोध बढ़ रहा है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा बड़ा आंदोलन बन सकता है।
